Duniya Mein Koi Bhi insan Perfect Nahi | Uski Khubiyon Aur Kamiyon Ke Saath Use Qabool Karein

Duniya Mein Koi Bhi insan Perfect Nahi होता।हर इंसान के अंदर कुछ खूबियाँ होती हैं, तो कुछ कमियाँ भी होती हैं। किसी में सब्र ज्यादा होता है, तो किसी में गुस्सा थोड़ा ज्यादा। कोई अपनी भावनाएँ आसानी से बता देता है, तो कोई अपने दिल की बात कह ही नहीं पाता।

लेकिन हम अक्सर इंसान की दस अच्छाइयों को भूलकर उसकी एक कमी को पकड़ लेते हैं। और यहीं से रिश्ते की बुनियाद कमज़ोर होने लगती है। 

हम चाहते हैं कि सामने वाला हमारी उम्मीदों के मुताबिक हो, हमारी पसंद के मुताबिक सलूक करे, हमारी सोच और कहे मुताबिक चले और कभी गलती न करे। लेकिन क्या हम खुद ऐसे हैं?

✍️ By: Mohib Tahiri | 🕋 Islamic Articles| rishton mein sukoon |perfect insan ki talash |koi bhi perfect nahi| rishton ki Ahmiyat 🕰 Updated: 18 Oct 2026

Insan ko uski khubiyon aur kamiyon ke Saath Qabool karna seekhen

insan ki khubiyan aur kamiyan

सच्चाई यह है कि हम भी Perfect नहीं हैं और सामने वाला भी Perfect नहीं है। सामने वाले में भी कुछ कमी है और हम में भी कुछ कमी है। अगर इस छोटी-सी बात को दिल से समझ लिया जाए, तो जिंदगी के बहुत-से रिश्ते टूटने से बच सकते हैं।

इस आर्टिकल Duniya Mein Koi Bhi insan Perfect Nahi में हम इस हक़ीक़त को समझने की कोशिश करेंगे कि जैसे दूसरे इंसानों में कुछ खूबी और कुछ कमी है वैसे ही हमारे अंदर भी है लेकिन हम इसे क़बूल करना नहीं चाहते। 


हर इंसान में खूबियाँ भी हैं और कमियाँ भी

जब हम किसी नए इंसान से मिलते हैं तो शुरुआत में उसकी खूबियाँ हमें बहुत अच्छी लगती हैं। लेकिन समय गुजरने के साथ उसकी कुछ कमियाँ सामने आने लगती हैं।

यहीं से रिश्तों में शिकायतें शुरू हो जाती हैं।

हमें लगता है:

  • “यह ऐसा क्यों करता है?”
  • “इसमें यह कमी क्यों है?”
  • “यह मेरी बात क्यों नहीं समझता?”
  • “यह मेरी उम्मीदों के मुताबिक क्यों नहीं है?”

लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जिस तरह सामने वाले में कमियाँ हैं, उसी तरह हमारे अंदर भी कमियाँ हैं।

हो सकता है जिस चीज को हम उसकी कमी समझ रहे हैं, उसी तरह कोई हमारी किसी आदत को हमारी कमी समझता हो।

इसलिए इंसान को सिर्फ उसकी कमियों से नहीं, बल्कि उसकी पूरी शख्सियत को देखकर समझना चाहिए।

👉 Padhen Yahan ek Mard ki mushkil bhari zindagi se Mutalliq jo Maa aur Biwi ke darmayan pista hai 


किसी की एक गलती उसकी सारी अच्छाइयों को खत्म नहीं कर देती

कई बार हम किसी इंसान से बहुत नाराज़ हो जाते हैं क्योंकि उसने हमसे कोई गलती कर दी।

लेकिन ज़रा रुककर सोचिए—

  • क्या उस इंसान ने हमारे लिए कभी कुछ अच्छा नहीं किया?
  • क्या उसने कभी हमारा साथ नहीं दिया?
  • क्या उसने कभी हमारी परेशानी को समझने की कोशिश नहीं की?
  • क्या उसकी सारी अच्छाइयाँ सिर्फ इसलिए खत्म हो गईं क्योंकि उससे एक गलती हो गई?

नहीं।

  • इंसान गलती कर सकता है।
  • इंसान कमजोर पड़ सकता है।
  • इंसान बदल भी सकता है।

लेकिन किसी की एक कमी को देखकर उसकी सारी खूबियों को भूल जाना हमेशा इंसाफ नहीं होता।


रिश्ते Perfect लोगों से नहीं, समझदार लोगों से चलते हैं

पति-पत्नी हों, माता-पिता और बच्चे हों, भाई-बहन हों या दोस्त—हर रिश्ते में अलग-अलग स्वभाव के लोग होते हैं।

अगर हर व्यक्ति यह कहने लगे कि “पहले सामने वाला बदले, फिर मैं उसे स्वीकार करूंगा”, तो कोई रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सकता।

रिश्तों की खूबसूरती इस बात में नहीं कि उनमें कोई कमी नहीं होती।

बल्कि खूबसूरती इसमें है कि कमियों के बावजूद लोग एक-दूसरे का साथ निभाते हैं।

जहाँ समझ होती है, वहाँ छोटी-छोटी कमियाँ रिश्ते को नहीं तोड़तीं।


याद रखिए: अगर लोग हमारी कमियाँ देखकर हमें छोड़ दें तो?

कभी अकेले बैठकर खुद से यह सवाल जरूर पूछिए—

अगर लोग हमारी हर कमी देखकर हमें छोड़ देते, तो क्या हमारे साथ कोई रिश्ता बचता?

  • हममें भी कमियाँ हैं।
  • हम भी कभी गुस्सा करते हैं।
  • हम भी कभी गलत बोल देते हैं।
  • हम भी कभी किसी का दिल दुखा देते हैं।
  • हम भी कभी सामने वाले को समझ नहीं पाते।

फिर हम दूसरों से ऐसी Perfect जिंदगी की उम्मीद क्यों करें जिसमें उनसे कभी कोई गलती ही न हो?

जिस तरह हम चाहते हैं कि लोग हमारी कमियों के बावजूद हमें समझें, उसी तरह हमें भी दूसरों को समझना चाहिए।

👉 Maa Baap ki Aapsi mohabbat hi bachchon ki Asal kamyabi ka Raaz hota hai kaise? Padhen Yahan 


किसी को स्वीकार करना उसकी हर गलती को सही मानना नहीं है

यह बात समझना बहुत जरूरी है।

किसी इंसान को उसकी कमियों के साथ स्वीकार करने का मतलब यह नहीं कि उसकी हर गलत बात को सही मान लिया जाए।

गलत को गलत कहना जरूरी है।

लेकिन किसी की गलती सुधारने और किसी इंसान को उसकी गलती की वजह से हमेशा के लिए नकार देने में बहुत फर्क है।

गलती से नफरत कीजिए, इंसान से नहीं।

जहाँ संभव हो, समझाइए।
जहाँ जरूरी हो, अपनी सीमा तय कीजिए।
और जहाँ माफी की गुंजाइश हो, वहाँ माफ करना भी सीखिए।


हर इंसान अपने अंदर कोई न कोई संघर्ष लेकर चल रहा है

हम किसी इंसान को देखकर यह नहीं जान सकते कि वह अंदर से किन परेशानियों से गुजर रहा है।

जो इंसान आज चिड़चिड़ा दिखाई दे रहा है, हो सकता है वह किसी परेशानी में हो।

जो व्यक्ति अपनी भावनाएँ व्यक्त नहीं कर पाता, हो सकता है उसने जिंदगी में बहुत कुछ सहा हो।

इसलिए हर व्यवहार का तुरंत फैसला करने के बजाय कभी-कभी थोड़ा ठहरकर सोचना चाहिए।

हो सकता है जिसे हम उसकी कमी समझ रहे हैं, उसके पीछे उसकी कोई मजबूरी या पुराना दर्द छिपा हो।


लोगों को बदलने से पहले उन्हें समझने की कोशिश करें

हम अक्सर चाहते हैं कि सामने वाला हमारी पसंद के मुताबिक बदल जाए।

लेकिन हर इंसान की अपनी सोच, अपना स्वभाव और अपनी जिंदगी का अनुभव होता है।

हर व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार बदलना संभव नहीं है।

इसलिए हर समय यह कोशिश करने के बजाय कि “वह मेरे मुताबिक क्यों नहीं है?”, कभी यह सोचिए—

“मैं उसे बेहतर तरीके से कैसे समझ सकता हूँ?”

यह एक छोटा-सा बदलाव रिश्ते में बहुत बड़ा फर्क पैदा कर सकता है।

👉 Miya Biwi ki Zindagi sakun bhari kaise hogi janne ke liye zarur Padhen ise 



Perfect इंसान की तलाश आपको अच्छे इंसान से दूर कर सकती है

अगर हम हर इंसान में सिर्फ कमियाँ तलाशते रहेंगे, तो हमें कोई भी इंसान Perfect नहीं लगेगा।

  • किसी में गुस्सा मिलेगा।
  • किसी में जल्दबाजी।
  • किसी में जिद।
  • किसी में कम बोलने की आदत।
  • किसी में ज्यादा बोलने की आदत।

लेकिन अगर हम सिर्फ कमियाँ तलाशेंगे तो शायद उस इंसान की अच्छाइयाँ हमारी नजर से छूट जाएँगी।

इसलिए किसी को परखते समय सिर्फ यह मत देखिए कि उसमें क्या कमी है।

यह भी देखिए—

  • उसने आपके लिए क्या अच्छा किया है?
  • वह आपके साथ कैसा खड़ा रहा है?
  • उसके अंदर कौन-सी खूबियाँ हैं?


जिंदगी को सुकून से जीना है तो कुछ बातें छोड़ना सीखिए

  • हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं।
  • हर गलती पर बहस करना जरूरी नहीं।
  • हर कमी को सामने लाना जरूरी नहीं।
  • हर बात को दिल पर लेना भी जरूरी नहीं।
  • कभी-कभी रिश्ते बचाने के लिए कुछ बातों को नजरअंदाज करना पड़ता है।
  • कुछ गलतियों को माफ करना पड़ता है।
  • कुछ कमियों को स्वीकार करना पड़ता है।

और कभी-कभी यह समझना पड़ता है कि—

सुकून Perfect लोगों से नहीं, बल्कि समझदार नजरिए से मिलता है।

👉 Zuban ek aisi khamosh tabahi hai Jo Rishton me Mohabbat ki jagah kadwahat aur duri ka sabab banti hai.kaise Padhen Yahan 


खुद को भी Perfect समझने की गलती न करें

दूसरों की कमियाँ देखने से पहले कभी अपने अंदर भी झांकिए।

हो सकता है जिस चीज के लिए हम दूसरे को दोष दे रहे हैं, उसी तरह की कोई कमी हमारे अंदर भी मौजूद हो।

इसलिए दूसरों को सुधारने से पहले खुद को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए।

जब इंसान अपने अंदर की कमियों को पहचानता है, तो दूसरों की कमियों को स्वीकार करना भी आसान हो जाता है।


आख़िरी बात: इंसान को उसकी पूरी शख्सियत के साथ देखिए

किसी इंसान की सिर्फ एक गलती मत देखिए।

उसका पूरा सफर देखिए।

उसकी अच्छाइयाँ देखिए।
उसकी कोशिशें देखिए।
उसका संघर्ष देखिए।
उसका आपके लिए किया हुआ अच्छा देखिए।

क्योंकि इंसान कोई मशीन नहीं है जिसे बिना गलती के चलना हो।

इंसान है—गलती करेगा, सीखेगा, बदलेगा और कभी-कभी फिर गलती भी करेगा।

इसलिए रिश्तों में थोड़ी मोहब्बत रखिए, थोड़ी समझ रखिए और थोड़ी गुंजाइश भी रखिए।

याद रखिए—

दुनिया में Perfect इंसान न कोई है और न कभी मिलेगा।

इसलिए जो लोग आपकी जिंदगी में हैं, उन्हें उनकी खूबियों और कमियों के साथ समझने की कोशिश कीजिए।

हर कमी पर रिश्ता मत तोड़िए।

हर गलती पर इंसान को मत खोइए।

क्योंकि जिंदगी में बहुत-से लोग दोबारा मिल जाते हैं,
लेकिन कुछ रिश्ते दोबारा नहीं मिलते।

कुछ कमियाँ छोड़ दीजिए, कुछ गलतियाँ माफ कर दीजिए और कुछ बातों को दिल पर लेना बंद कर दीजिए—शायद रिश्ते भी बच जाएँ और दिल का सुकून भी।

👉 Ek Aurat kaise shadi ke baad apne pariwar ko sambhalne ke liye kaise apni puri zindagi Qurban kar deti hai janne ke liye zarur padhen ise 


Conclusion:

आखिर में इतना याद रखिए कि इंसान Perfect नहीं होता, लेकिन हर इंसान अपने अंदर कुछ न कुछ खूबसूरती जरूर रखता है। किसी में खूबियाँ ज्यादा होती हैं तो किसी में कमियाँ ज्यादा नजर आती हैं, लेकिन किसी की एक कमी उसकी सारी अच्छाइयों को खत्म नहीं कर देती।

रिश्ते तब खूबसूरत बनते हैं जब हम सामने वाले को अपनी उम्मीदों के साँचे में ढालने के बजाय उसे उसकी खूबियों और कमियों के साथ समझने और स्वीकार करने की कोशिश करते हैं।

हर बात पर नाराज़ होना, हर गलती को याद रखना और हर कमी को गिनाना रिश्तों को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है। इसके विपरीत, थोड़ी समझदारी, थोड़ी माफी, थोड़ी सहनशीलता और बहुत-सी मोहब्बत रिश्तों को लंबे समय तक जोड़कर रखती है।

किसी Perfect इंसान की तलाश मत कीजिए।
जो आपके पास है, उसकी अच्छाइयों को पहचानिए।
उसकी कमियों को समझिए।
जहाँ सुधार जरूरी हो, वहाँ प्यार से समझाइए।
और जहाँ माफी की जरूरत हो, वहाँ दिल बड़ा कर दीजिए।

क्योंकि जिंदगी में सबसे खूबसूरत रिश्ता वह नहीं होता जिसमें कोई कमी न हो, बल्कि वह होता है जिसमें कमियों के बावजूद लोग एक-दूसरे को छोड़ते नहीं, समझते हैं।

कुछ कमियाँ स्वीकार कर लीजिए,
कुछ गलतियाँ माफ कर दीजिए,
कुछ बातें दिल से निकाल दीजिए…
क्योंकि जिंदगी Perfect लोगों के साथ नहीं,
बल्कि समझदार और सच्चे रिश्तों के साथ खूबसूरत बनती है।

👉 Pariwar tutne ki khaas wajah kya hai ? Kyun Rishton me duriyan paida hoti Hain? Padhen Yahan 


👍🏽 ✍🏻 📩 📤 🔔
Like | Comment | Save | Share | Subscribe
Author
इस्लामी ब्लॉगर — इस तरह के दीन और दुनियां से मुतल्लिक़ आर्टिकल पढ़ने के लिए वेबसाइट को फॉलो करना न भूलें। 


 (FAQs):अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या दुनिया में कोई इंसान Perfect होता है?

नहीं। हर इंसान में कुछ खूबियाँ और कुछ कमियाँ होती हैं। इंसान से गलती होना उसकी इंसानियत का हिस्सा है।

2. क्या किसी की कमियों के बावजूद उसे स्वीकार करना चाहिए?

हाँ, अगर उसकी कमियाँ ऐसी नहीं हैं जो आपको नुकसान पहुँचा रही हों। किसी को स्वीकार करने का मतलब उसकी हर गलत बात को सही मानना नहीं, बल्कि उसकी पूरी शख्सियत को समझना है।

3. क्या किसी की एक गलती से उसकी सारी अच्छाइयाँ खत्म हो जाती हैं?

नहीं। एक गलती को उसकी पूरी शख्सियत का पैमाना नहीं बनाना चाहिए। उसकी अच्छाइयों, कोशिशों और पूरे व्यवहार को भी देखना चाहिए।

4. रिश्तों में सामने वाले की कमियाँ कैसे स्वीकार करें?

उसकी अच्छाइयों को याद रखें, उसकी बात को समझने की कोशिश करें और हर छोटी कमी को लेकर शिकायत करने से बचें। जहाँ सुधार जरूरी हो, वहाँ प्यार और समझदारी से बात करें।

5. क्या किसी को उसकी कमियों के साथ स्वीकार करने का मतलब उसकी गलतियाँ सहते रहना है?

नहीं। गलत व्यवहार को स्वीकार करना जरूरी नहीं है। जरूरत पड़ने पर अपनी सीमाएँ तय करना और गलत बात के खिलाफ आवाज उठाना भी जरूरी है।

6. Perfect इंसान की तलाश क्यों नहीं करनी चाहिए?

क्योंकि Perfect इंसान मिलना संभव नहीं है। अगर हम हर व्यक्ति में केवल कमियाँ तलाशते रहेंगे, तो उसके अंदर मौजूद अच्छी खूबियों को भी नजरअंदाज कर सकते हैं।

7. रिश्तों में सुकून कैसे बनाए रखा जा सकता है?

एक-दूसरे को समझकर, छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करके, गलतियों को माफ करके और सामने वाले से अवास्तविक उम्मीदें न रखकर रिश्तों में सुकून बनाए रखा जा सकता है।

8. क्या हमें दूसरों की कमियाँ देखने से पहले अपनी कमियाँ देखनी चाहिए?

हाँ। जब इंसान अपनी कमियों को पहचानता है, तो वह दूसरों की कमियों को भी ज्यादा समझदारी और नरमी से देख पाता है।


Post a Comment

0 Comments